Category Archives: STORY

हम खेती में राशयानिक खाद का प्रयोग नहीं करते, जैविक खेती करते है-

जबलपुर  (मध्यप्रदेश)  से प्रदीप  दुबे  बता रहे हैं, कि वे जैविक खेती पर काम  करते हैं,  वे आदिवासियों की प्रचलित पद्धति के अनुसार खेती करते हैं,  खेती में किसी प्रकार की रासायनिक खाद का उपयोग नहीं करते हैं, गोबर खाद का प्रयोग कर करते हैं, जिसमे 4 -5 महीने में फसल तैयार हो जाती है, वे 2 तरह की फसल उगाते हैं,  कोदो और कुटकी | आज से पहले लोग उन फसलों को अपने खाने के लिये उगाते थे, लेकिन आज के समय में बीमारियों को दूर करने में उपयोग होने लगा है, जिनको डायबटीज की समस्या है वे इसका उपयोग कर रहे हैं, बड़े शहरों में अभी इसकी बड़ी मात्रा में मांग है |

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काम किये 3 वर्ष हो गया आज तक मजदूरी भुगतान नहीं हुआ, अधिकारी गुमराह करते हैं…

बरगीडीह,  ग्राम पंचायत-बडवार, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से ग्रामवासी जीतलाल, मेवालाल, कुंजलाल, बेमुनिया, सुखराम, अमरसाय,  रामजीत, ब्रिजलाल और दिनेश बता रहे हैं कि उन्होंने वर्ष 2014-15 में तालाब निर्माण का  काम किया था, जिसका पैसा नहीं मिला अधिकारी का कहना है पैसा मिलेगा लेकिन 3 वर्ष हो गये आज तक पैसा नहीं मिला इसलिए वे सीजीनेट के सांथियो से अपील कर रहे हैं कि दिए गये नंबरों पर अधिकारियों से बात कर मजदूरी का पैसा दिलाने में मदद करें :   कलेक्टर@9826443377, SDM@9165493212, रोजगार सचिव@7079246689, सचिव@9754816487, सरपंच@7773837136. संपर्क नंबर पुंजलाल@6268885645.

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गढ़बासला एक ऐतिहासिक स्थल है, जो पहाड़ो और वनों से सुशोभित है…

ग्राम-गढ़बासला, पोस्ट-संबलपुर, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से जागेश्वर देवान अपने इलाके की ऐतिहासिक जानकारी दे रहे हैं, वे बता रहे हैं, गढ़बासला एक ऐतिहासिक स्थल है, उसके उत्तर पूर्व में साल वृक्षो का घना जंगल है, दक्षिण में विशाल पहाड़ स्थित है, किनारे एक बड़ा तालाब है, जो कमल के फूल और विभिन्न प्रकार की पक्षियों से सुसोभित होता था, अब मछली पालन के कारण स्थिति बदल चुकी है,  गाँव में बड़े-बड़े पत्थरो के देवी देवताओं की मूर्ति  थी, जिसे मूर्ति संग्रहालय जगदलपुर में रखा गया है, अभी भी वहां पर कई ऐतिहासिक परिदृश्य देखे जा सकते हैं…

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हमारे गांव का नाम पहले गौरी था, बाद में बदलकर गोविंदपुर रखा गया…कहानी-

चांदनी चौक, गोविंदपुर, तहसील-प्रातापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से बस्तीराम नागवंसी गांव में निवासी हीराचंद पटेल से चर्चा कर रहे हैं, वे बता रहे हैं, पहले गांव का नाम गौरी था, बाद में नाम बदलकर गोविंदपुर रखा गया, ये जानकारी उन्हें अपने पूर्वजो से मिली है, वर्तमान में गांव का नाम गोविंदपुर है, जिसका अर्थ भगवान का स्थान है:  संपर्क नंबर@9425648073.

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