देखो-देखो बादल आये, सांथ अंधेरा कैसा लाये…कविता-

जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से राकेश कुमार एक कविता सुना रहे हैं :
देखो-देखो बादल आये, सांथ अंधेरा कैसा लाये-
बादल गरजा खड – खड – खड, मेंढक बोला टर्र – टर्र -टर्र-
पानी बरसा छम – छम – छम-
छाता लेकर निकले हम, पाँव फिसल गया गिर गये हम-
नीचे छाता ऊपर हम…

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